फ़ोन आंखों से कितनी दूर रखना चाहिए?
स्मार्टफ़ोन आंखों से 33–50 सेमी — लगभग एक हाथ की दूरी — पर रखें। अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ ऑप्थैल्मोलॉजी यही सुझाती है। 30 सेमी से पास होने पर आंखों को फ़ोकस करने में ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, और समय के साथ इससे आंखें थकती हैं।
सुझाई गई दूरी 33–50 सेमी है
एक आसान जांच: कोहनी ढीली रखें और फ़ोन सहज तरीक़े से पकड़ें — लगभग यही सही दूरी है। अगर आप चेहरा स्क्रीन की ओर बढ़ा रहे हैं, तो आप पहले से बहुत पास हैं।
कंप्यूटर मॉनिटर और भी दूर होना चाहिए — लगभग 63 सेमी (25 इंच)।
पास से देखने पर आंखें क्यों थकती हैं?
पास की चीज़ देखने के लिए आंख लेंस को मोटा करती है (अकोमोडेशन) और दोनों आंखें अंदर की ओर मुड़ती हैं (कन्वर्जेंस)। चीज़ जितनी पास होगी, इन मांसपेशियों को उतनी ज़्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। साथ ही, स्क्रीन पर ध्यान लगाने पर आप कम पलकें झपकाते हैं, जिससे आंखें जल्दी सूखती हैं।
इसीलिए स्क्रीन इस्तेमाल करने वाले कई लोगों को आंखों में थकान, सूखापन या धुंधलापन होता है — इसे डिजिटल आई स्ट्रेन कहते हैं। शोधों की एक समीक्षा के अनुसार स्क्रीन इस्तेमाल करने वाले आधे तक लोग इसे महसूस करते हैं।
बच्चों को ज़्यादा ध्यान क्यों रखना चाहिए
बच्चों के हाथ छोटे होते हैं और वे स्क्रीन में जल्दी खो जाते हैं, इसलिए वे डिवाइस बड़ों से कहीं ज़्यादा पास रखते हैं — औसतन लगभग 24 सेमी, सुझाई गई सीमा से काफ़ी कम।
शोध यह भी बताते हैं कि लंबे समय तक 20 सेमी से कम दूरी से पढ़ना या देखना मायोपिया के तेज़ी से बढ़ने से जुड़ा है। ज़्यादा जानकारी: क्या फ़ोन बहुत पास से देखने से मायोपिया होता है?
दूरी बनाए रखने के आसान तरीके
- फ़ोन पास लाने के बजाय अक्षरों का आकार बढ़ाएं।
- लेटकर स्क्रॉल करने के बजाय बैठें और कोहनी टिकाएं।
- 20-20-20 नियम: हर 20 मिनट में 6 मीटर (20 फ़ीट) दूर किसी चीज़ को 20 सेकंड देखें।
- बच्चे के फ़ोन पर दूरी अलर्ट ऐप चालू करें — याद दिलाने का काम ऐप करे, आप नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फ़ोन आंखों से कितनी दूर रखना चाहिए?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ ऑप्थैल्मोलॉजी 33–50 सेमी (13–20 इंच), यानी लगभग एक हाथ की दूरी सुझाती है।
क्या फ़ोन और मॉनिटर की दूरी एक जैसी है?
नहीं। मॉनिटर ज़्यादा दूर होना चाहिए — लगभग 63 सेमी (25 इंच)।
मैं फ़ोन सिर्फ़ पास से ही पढ़ पाता हूं। क्या करूं?
पहले अक्षरों का आकार और डिस्प्ले ज़ूम बढ़ाकर देखें। अगर फिर भी साफ़ देखने के लिए पास रखना पड़े, तो नेत्र चिकित्सक से आंखें जंचवाएं।
स्रोत
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, यह जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। अगर आंखों की परेशानी बनी रहे, तो नेत्र चिकित्सक से मिलें।





