स्क्रीन से सूखी आंखें: क्यों होती हैं और राहत कैसे पाएं
ड्राई आई तब होती है जब आंसू पर्याप्त नहीं बनते या बहुत जल्दी सूख जाते हैं, जिससे आंखों में जलन, किरकिरापन और धुंधलापन होता है। स्क्रीन इसे बढ़ाती है क्योंकि आप कम पलकें झपकाते हैं। जानबूझकर पलकें झपकाएं, आर्टिफ़िशियल टियर्स इस्तेमाल करें, और सूखे मौसम में ह्यूमिडिफ़ायर चलाएं। ठीक न हो तो नेत्र चिकित्सक को दिखाएं।
ड्राई आई के लक्षण
- आंखों में चुभन या जलन
- आंख में कुछ गया हो, ऐसा किरकिरापन
- ख़ास तौर पर पढ़ते समय धुंधला दिखना
- लालिमा और जलन
- कभी-कभी आंखों से पानी आना — परेशान आंखें ज़्यादा आंसू बनाती हैं
यह क्यों होता है?
स्क्रीन टाइम: स्क्रीन पर ध्यान लगाने पर पलकें झपकना मिनट में लगभग 15 से घटकर 5–7 हो जाता है। कम झपकने से आंसू ठीक से फैल नहीं पाते और जल्दी सूख जाते हैं।
उम्र और लिंग: उम्र के साथ आंसू कम बनते हैं, और ड्राई आई महिलाओं में, ख़ास तौर पर मेनोपॉज़ के बाद, ज़्यादा आम है।
माहौल: हवा, धुआं, सूखी हवा और लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से लक्षण बढ़ते हैं।
दवाएं और बीमारियां: एंटीहिस्टामाइन, ब्लड प्रेशर की दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट और नींद की दवाएं, साथ ही शोग्रेन सिंड्रोम, रूमेटॉइड आर्थराइटिस और थायरॉइड की बीमारियां भी कारण हो सकती हैं।
घर पर आज़माने लायक उपाय
- जानबूझकर पलकें झपकाएं: स्क्रीन देखते हुए बीच-बीच में धीरे से आंखें बंद-खोलें।
- आर्टिफ़िशियल टियर्स: दिन में छह बार से ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो बिना प्रिज़र्वेटिव वाली ड्रॉप चुनें।
- गुनगुनी सिकाई: पलकों पर गुनगुना कपड़ा रखें और हल्के से मालिश करें।
- ह्यूमिडिफ़ायर: सर्दियों जैसे सूखे मौसम में कमरे की हवा में नमी बढ़ाएं।
- हवा से बचाव: बाहर चेहरे को ढकने वाला चश्मा पहनें।
- स्क्रीन की आदतें: ब्रेक लें और फ़ोन 33–50 सेमी दूर रखें।

नेत्र चिकित्सक के पास कब जाएं
अगर घरेलू उपायों से लक्षण ठीक न हों या बढ़ें, रोज़मर्रा के काम में दिक़्क़त हो, या ज़्यादा दर्द या नज़र में बदलाव हो, तो नेत्र चिकित्सक से मिलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्क्रीन देखते समय मेरी आंखें सूखी क्यों लगती हैं?
आप कम पलकें झपकाते हैं — 15 की जगह मिनट में लगभग 5–7 बार — इसलिए आंसू आंख पर फैलने से पहले ही सूख जाते हैं।
क्या मैं आर्टिफ़िशियल टियर्स बार-बार इस्तेमाल कर सकता हूं?
दिन में छह बार से ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो बिना प्रिज़र्वेटिव वाली ड्रॉप चुनें। लक्षण बने रहें तो नेत्र चिकित्सक को दिखाएं।
स्रोत
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, यह जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। अगर आंखों की परेशानी बनी रहे, तो नेत्र चिकित्सक से मिलें।





